पुलिस ने महिला जज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी। एक सप्ताह के बाद आई अनुमति के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष नरेश राठौड ने महिला जज के खिलाफ सिपाही से मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के बाद महिला जज को निलंबित कर दिया गया था।
महिला जज ने डीजीपी के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजकर 12 अक्तूबर को पुलिस के खिलाफ क्रास मुकदमा दर्ज कराया था। अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर एसओ नरेश राठौड़ ने एसएसपी से खुद ही नैतिकता के आधार पर थाने से हटाने का अनुरोध किया था।
इस मामले की विवेचना विकासनगर के पुलिस उपाधीक्षक पंकज गैरोला को सौंपी गई थी। सीओ गैरोला ने दोनों मुकदमों में संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए थे। विवेचना के बाद सीओ ने 17 जनवरी को दोनों मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। एफआर अधिकारियों की संस्तुति के बाद कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।
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