युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में न्यायालय ने मृतक की पत्नी और सास समेत चार लोगों को पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला न्यायाधीश चतुर्थ शेष चंद्र की कोर्ट ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। युवक ने मौत से पहले सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें इन चारों को जिम्मेदार ठहराया था।
अधिवक्ता राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि हरीश गोदियाल निवासी बड़ोवाला पटेलनगर ने 17 सितंबर 2014 को फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस ने जांच की तो सुसाइड नोट कमरे से मिला। उसमें पत्नी रश्मि देवी, सास प्रीति पंत समेत चार लोगों को जिम्मेदार बताया गया था। हरीश के पिता ने इस संबंध में पटेलनगर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने रश्मि देवी, प्रीति पंत के अलावा एजाज खान निवासी मालवीय नगर दिल्ली और तेजेंद्र रावत निवासी आरकेडिया ग्रांट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
हरीश गोदियाल दुबई में नौकरी करता था। आरोप था कि उसकी पत्नी के विवाह से पहले एजाज के साथ संबंध थे। जबकि, विवाह के बाद वह तेजेंद्र के संपर्क में आ गई। इसका जब वह विरोध करता था तो उसकी पत्नी व सास अभद्रता करते थे। इस मामले में बुधवार को कोर्ट ने चारों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।