रीना की पांच वर्षीय बेटी अनाया सोई थी। तभी घर के पीछे की ओर मकान से सटी सुरक्षा दीवार भरभराकर मकान के ऊपर गिर गई। दीवार का मलबा मकान के पीछे की दीवार और छत को तोड़ता हुआ घर में जा घुसा।
इससे चारों लोग मलबे में दब गए। चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी और खुद ही मौके पर राहत और बचाव में जुट गए।
मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, एसडीएम विवेक राय,तहसीलदार पीआर आर्या, पटवारी दीपक कुमार टम्टा, सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल, काठगोदाम के एसओ कमल हसन भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस, राजस्व कर्मियों व स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से मलबे में दबी अनाया, शबीना, शकीला और रीना को निकालकर बेस अस्पताल भेजा। रीना की मौत सिर में चोट से हुई। बेस अस्पताल के डॉ. डीएस पंचपाल ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें चौबीस घंटे की निगरानी में रखा गया है।