ट्रांसफार्मर खरीद घोटाले में पिटकुल के चीफ इंजीनियर समेत चार अफसर सस्पेंड हुए हैं। जबकि एक अन्य चीफ इंजीनियर को पिटकुल मुख्यालय से हल्द्वानी ट्रांसफर किया गया है। सस्पेंड होने वालों में एक अधीक्षण अभियंता (एसई) और दो अधिशासी अभियंता (ईई) शामिल हैं।
पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) ने वर्ष 2015 में आईएमपी कंपनी से करीब 24 करोड़ रुपये के चार ट्रांसफार्मर खरीदे थे। इसमें झाझरा सब स्टेशन पर लगा पांच करोड़ रुपये का ट्रांसफार्मर पांच महीने में दो बार खराब हो गया।
पिटकुल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने 16 मार्च को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। जिसमें प्रथमदृष्ट्या यह मिला है कि ट्रांसफार्मर अपने हैंड ओवर लेने से पहले टेस्टिंग और मेंटेनेंस जांचने में गड़बड़ी हुई है।
इस पर प्रबंध निदेशक वर्मा ने आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) के चीफ इंजीनियर गढ़वाल जोन अजय कुमार अग्रवाल, ऋषिकेश परिमंडल के एसई राकेश कुमार, पारेषण खंड देहरादून के ईई (क्वालिटी कंट्रोल एंड इंस्पेक्शन) राजेश कुमार गुप्ता और मुख्य अभियंता गढ़वाल क्षेत्र से संबद्ध ओएंडएम के ईई लक्ष्मी प्रसाद पुरोहित को सस्पेंड कर दिया है।
इसके अलावा चीफ इंजीनियर (क्रय एवं अनुबंध) अनिल कुमार यादव को पिटकुल मुख्यालय से चीफ इंजीनियर (प्रोजेक्ट) कुमाऊं क्षेत्र हल्द्वानी ट्रांसफार्मर किया गया है। एमडी वर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति में भी बड़ा लॉस हो रहा है। पूरी खरीद की जांच चल रही है। जांच प्रभावित न हो इसलिए चीफ इंजीनियर अनिल यादव को भी ट्रांसफर किया गया है।