मंगलवार देर शाम को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जंगल की आग में जिंदा जले तीनों मासूमों के परिवारों को डीएम ने चार-चार लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी घटना के पीछे जंगल की आग होने से इंकार कर रहे हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि, वह पेड़ जंगल में लगी आग के कारण ही नीचे गिरा था। डीएम डा. आशीष चौहान ने भी मोरी पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।
मंगलवार की शाम को भंक्वाड़ गांव से करीब तीन किमी दूर जंगल में गूजरों के डेरे पर पेड़ गिरने से लगी आग में तीन मासूमों की मौत हो गई थी और एक सात साल का बच्चा घायल हो गया था। मंगलवार देर रात राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रात को ही घायल यासीन को मोरी लाकर उसका उपचार कराया गया। बुधवार सुबह एसडीएम पूरण सिंह राणा टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को 3800-3800 रुपये अहेतुक सहायता, घर क्षतिग्रस्त होने पर 4300 रुपये आर्थिक सहायता और राहत सामग्री भी प्रदान की गई। हादसे में मृत सुलेमान की बेटी कमिया (3), उमरदीन के बेटे जायद (3), जावेद (1) के शव परिजनों को सौंप दिए गए। बुधवार को डीएम डा. आशीष चौहान ने मोरी पहुंच कर बताया कि मृत बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों ने हादसे के लिए जंगल की आग के जिम्मेदार होने से इंकार किया है।