धारचूला (पिथौरागढ़) तहसील मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर सोबला के पास शुमदुम के जंगल में 10 मार्च को बर्फीले तूफान की चपेट में आकर लापता हुए तीन लोगों में से दो का शव पुलिस, एसडीआरएफ और एसएसबी की टीम ने बरामद कर लिया है। इसमें से तीसरे व्यक्ति का अब तक पता नहीं चल सका है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल और थाना प्रभारी अजय साह ने बताया कि शुमदुम के पास सुवा के जंगल में ये लोग बकरियां चराने गए थे। 10 मार्च को बर्फीले तूफान की चपेट में आने के बाद तीनों लापता हो गए थे।
इनमें से नेपाल के हुती गांव निवासी परोज सिंह कुंवर (35) पुत्र राजेंद्र सिंह और धनगड़ी नेपाल के मोहन भट्ट (36) पुत्र पूरा भट्ट का शव रविवार को बर्फ से निकाल लिया गया, जबकि नेपाल के हुती गांव निवासी भूपेंद्र सिंह कुंवर (40) पुत्र चंद्र सिंह का अब तक कोई पता नहीं चला है। उसकी खोजबीन जारी है।
दोनों शवों को रविवार शाम को तहसील मुख्यालय लाया गया है और नेपाल में उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने बताया कि बर्फीले तूफान की चपेट में आने से बचे नेपाल के राज भट्ट और वीरेंद्र कुंवर ने बताया कि तीनों लोग बर्फीले तूफान की चपेट में आने के बाद लापता हो गए थे।
भारी हिमपात होने के कारण बड़ी मुश्किल से सोबला तक पहुंचकर गांव के देवेश नेगी को सूचना दी। इसके बाद तहसील मुख्यालय तक यह जानकारी पहुंची।
तहसील मुख्यालय से एसडीआरएफ के पवन कुमार, सुभाष सिंह, सागर सिंह, एसएसबी के मल्लिकार्जुन, राकेश शर्मा, मनोबल सिंह सहित पुलिस कर्मियों ने मौके पर जाकर बड़ी कठिनाई से दो शव शनिवार को बरामद कर लिए। इस टीम को यहां पहुंचने में पूरे 24 घंटे लग गए। पुलिस अब मृतकों के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है।
बर्फीले तूफान की चपेट में आने से मरी 95 बकरियां
घाट (चमोली) के घाट विकास खंड के कनोल गांव के जंगल में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से 95 बकरियां मर गई। शनिवार को कनोल गांव निवासी पुष्कर सिंह, गब्बर सिंह और नारायण सिंह की 95 बकरियां जंगल में घास चुगने गई थी। गजियांणा तोक के समीप बर्फीले तूफान से 60 बकरियां मौके पर ही मर गईं, जबकि 35 बकरियां तूफान में लापता हो गई हैं। पीड़ित पुष्कर सिंह ने घटना की सूचना क्षेत्रीय पटवारी को दी। सूचना मिलने पर रविवार को पटवारी मोहन सिंह राजस्व और पशुपालन की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।