वहीं श्रीनंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुंवर का कहना है कि देवी यात्रा में मेंंढा का ही नहीं बल्कि हर सामग्री का चयन परंपरा और शास्त्र सम्मत होने पर किया जाता है। अभी देवी यात्रा के लिए केवल एक अनुष्ठान मौडवी ही हो पाया है।
आगामी बसंत पंचमी पर यात्रा का कार्यक्रम जारी होने और मनौती होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चार सींग वाले मेंंढों का जन्म यदा-कदा होता रहता है। इसमें वही मेंंढा लिया जाएगा जिसे देवी चयनित करेगी और जो परंपरा और शास्त्र सम्मत होगा।