पेयजल निगम ने डेढ़ साल पहले साढे़ चार करोड़ रुपये की लागत से करनपुर क्षेत्र की पुरानी सीवर लाइन बदलने का प्रस्ताव तैयार किया था। एक साल पहले बजट मिलने पर पेयजल निगम ने इस क्षेत्र में करीब पांच किमी नई सीवर लाइन डाली।
तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन पेयजल निगम ने इस नई लाइन को सर्वे चौक पर पुरानी जर्जर लाइन से जोड़ दिया। जो सर्वे चैक से प्रिंस चौक, मातावाला बाग तक पहले से तक चोक बताई गई है।
जब नई लाइन को इससे जोड़ा गया तो वह सर्वे चौक पर फिर से सीवर चोक हो गया। अब स्थिति ये है कि नई लाइन होने के बावजूद करनपुर की लाइनें चोक पड़ी हैं। इससे लोग परेशान हैं। लोग आए दिन जल संस्थान के अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं। जल संस्थान इन शिकायतों को पेयजल निगम को भेज देता है और पेयजल निगम ये शिकायतें डस्टबिन में डाली जा रही हैं।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस मामले में संबंधित अधिकारी से बात करके जांच की जाएगी।
- वीसी पुरोहित, चीफ इंजीनियर, पेयजल निगम