देश के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और मिजोरम व पुडुचेरी के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा को मंगलवार को नम आंखों से सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा के देहरादून स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें पुष्पचक्र अर्पित किया और श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान राज्यपाल ने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा का राष्ट्रसेवा, सैन्य नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन में योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। वहीं, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। कहा कि ले. जनरल लखेड़ा का निधन राष्ट्र, भारतीय सेना और उत्तराखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने लंबे सैन्य जीवन में उत्कृष्ट नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा व राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। भारतीय सेना में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा और गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। टिहरी गढ़वाल जिले के जखंड गांव में जन्में ले. जनरल लखेड़ा का बीते सोमवार को देहरादून के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था और हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया। ले. जनरल लखेड़ा ने भारतीय सेना में लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवाएं दीं और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश की सेवा की। उनके योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने मिजोरम और पुडुचेरी के राज्यपाल के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन किया।