पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे। उन्होंने कहा, कि सौ साल से भी पहले कुछ भूमिहीन पिछड़े और कृषक वर्ग के लोग आकर बंजर भूमि पर बसे। और अब सरकार उन्हें अतिक्रमण घोषित कर रही है। बिन्दुखत्ता में भी ऐसे ही लोग इसे राजस्व गांव घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनके मोर्चे में आज हम लोग भी शामिल हो रहे हैं।