I- कहा- विश्व में अलग पहचान बना रहा हरेला, अंतरराष्ट्रीय वृक्ष दिवस की मिले मान्यताI
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रही है। इसका समाधान प्राचीन परंपराओं का पर्व हरेला ही कर सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री सोमवार को एडीफाई वर्ल्ड स्कूल में हरितोत्सव के तहत आयोजित हरेला जागरूकता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरेला प्रकृति पर्व अब देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हरेला को अंतरराष्ट्रीय वृक्ष दिवस की मान्यता मिलनी चाहिए। कार्यक्रम में भारतीय वृक्ष न्यास के अध्यक्ष विजयपाल बघेल ने कहा कि यूएनओ की ओर से प्रत्येक दिन कोई न कोई विशेष दिवस मनाया जाता है, लेकिन प्राणवायु उत्पादित करने वाले पेड़ों के लिए कोई दिवस घोषित नहीं किया गया, यह चिंताजनक है।
उन्होंने 16 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय वृक्ष दिवस मनाए जाने आह्वान किया। संस्था निदेशक रंजीत सिंह ने कहा उत्तराखंड की भूमि ने वन संरक्षण के मामले में दुनिया को नई दिशा दी है। दो तिहाई हरित क्षेत्र होने के बावजूद चिपको आंदोलन की गूंज यहीं से निकली। इस दौरान संयोजक सुरेश सुयाल ने भी विचार रखे।
Iयहां किया गया पौधरोपणI
गोरखाली सुधार सभा ने पौधे रोपकर इनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन क्षेत्री, महामंत्री गोपाल क्षेत्री, उपासना थापा, मधुसूदन थापा, प्रभा शाह, शंकर थापा, डीएस भंडारी मौजूद रहे। फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्रों ने एक पौधा मां के नाम रोपने का संकल्प लेते हुए पौधरोपण किया। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान लोक पर्व हरेला का महत्व भी बताया गया। द इंडियन कैम्ब्रिज स्कूल डालनवाला में हिम फाउंडेशन ने छात्रों को पौधे वितरित किए। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष अजय बहुगुणा, प्रिंसिपल सिम्मी गुप्ता, महेश जोशी, स्वेता कपूर आदि मौजूद रहे।