कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी चारापत्ती के लिए इस्तेमाल होने वाले भीमल के दो हजार पौधे रोप तो लिए लेकिन वह जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
वहीं, मुख्य कृषि अधिकारी की अनुमति के बगैर पौध रोपण, तालाब निर्माण, तार जाल आदि कार्यों के लिए आई धनराशि में से 49 लाख रुपए निकाल लिए गए हैं। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जलागम प्रबंध निदेशालय कपिल लाल ने कृषि विभाग से प्रकरण की जांच कर दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
केंद्र पोषित समेकित जलागम प्रबंध योजना के तहत चकराता ब्लॉक में वर्षा जल संचय, चेक डेम, जल संरक्षण, तालाब निर्माण, पौध रोपण आदि कार्य होने थे। अधिकतर काम कराए बगैर ही जलागम समितियों के खाते से लाखों रुपए निकाले गए हैं। जबकि दस हजार से अधिक की धनराशि मुख्य कृषि अधिकारी की अनुमति के बगैर नहीं निकाली जा सकती।
दस हजार से अधिक की स्वीकृति के लिए प्राक्कलन तैयार कर जलागम समिति द्वारा जलागम विकास दल के माध्यम से मुख्य कृषि अधिकारी को भेजना आवश्यक है। फर्जीवाड़े के मामले में विभाग को माप पुस्तिका और बिल भी उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। रजिस्टर में यह दर्ज नहीं है कि किस काम के लिए कितनी धनराशि निकाली गई है।
प्रारंभिक जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि
हैरानी की बात यह है केंद्र पोषित इस योजना के तहत लाखों रुपए के ऐसे कार्य होना दर्शाया गया है, जो योजना के तहत नहीं किए जा सकते। बगैर अभिलेख तैयार किए एवं सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बिना हुए इन कार्यों की प्रारंभिक जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
जलागम समिति रजाणू के सचिव भगत राम पांडे ने मुख्य कृषि अधिकारी को भेजी रिपोर्ट में कहा कि दो हजार पौधे दिसंबर 2014 में मापन पुस्तिका में रोपित दिखाया गया है, लेकिन धरातल पर इनका रोपण नहीं किया गया। मुख्य कृषि अधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि ग्रामसभा रजाणू में लगभग एक हजार भीमल और डेकन के पौधे भिजवाए गए हैं, जो इस मौसम के अनुकूल नहीं हैं।
प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है, मामले को दिखवाया जाएगा, जो कोई भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- हरक सिंह रावत, कृषि मंत्री
मैं अभी कुमाऊं में हूं। मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराऊंगा।
- सीएस मेहरा, कृषि निदेशक
किस ग्रामसभा ने निकाली कितनी धनराशि
ग्राम सभा का नाम - निकाली गई धनराशि
रजाणु - 788302
थारटा - 583894
कांडोई - भरम 776949
बुल्हाड - 695836
आसोई - 410281
बायला - 934712
कावाखेड़ा - 518754
बेगी - 60000
हटाड़ संताड़ - 80000
कुनावा - 64113
पिगुवा - 60000
(आंकड़े कृषि विभाग की ओर से भूमि संरक्षण अधिकारी चकराता को भेजी रिपोर्ट के मुताबिक)