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हाथी को भगाने के लिए डिमांड भेजी गोली की, भेज दिए पटाखे

Sat, 29 Apr 2017 12:48 PM IST
आलोक पंवार/ अमर उजाला, ऋषिकेश
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जंगल में गश्त के दौरान शिकारियों से सामना होने और हाथी बाहुल्य क्षेत्र में लोगों के जानमाल की सुरक्षा करने वाले वनकर्मी स्वयं असुरक्षित हैं। दरअसल, संकट के समय हवाई फायर के लिए कारतूस नहीं है । मजे की बात यह कि रेंज कार्यालय ने मुख्यालय से गोली की डिमांड की, लेकिन वहां से पटाखे भिजवा दिए गए।
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ऋषिकेश वन रेंज की सीमा दून मार्ग से छिद्दरवाला हाईवे तक है। काफी बड़ा क्षेत्रफल होने के कारण वनकर्मियों को वन्य जीवों, हरे पेड़ और आबादी में घुसे हाथी को खदेड़ने के लिए बंदूक आदि सुरक्षा उपकरण से लैस होना जरूरी है। वनकर्मियों के पास बंदूक तो है, लेकिन महज शोपीस है। संकट के समय फायर के लिए बंदूक में गोली नहीं है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो चार महीने से गोली का कोटा खत्म हो चुका है। 315 और 12 बोर के कारतूस की डिमांड वन प्रभागीय कार्यालय दून को भेजी जा चुकी है, लेकिन मुख्यालय ने गोली की जगह पटाखे की खेप भिजवाकर इतिश्री कर ली।
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हाथी भगाने में पटाखे कारगर नहीं

गुमानीवाला, खैरीकलां, खैरीखुर्द, रुषाफार्म टोंगिया आबादी वाले क्षेत्रों में अक्सर हाथी की आमद रहती है। वनकर्मियों की मानें तो हाथी को भगाने के लिए पटाखे कारगर नहीं है। हाथी आतिशबाजी के आदी हो चुके हैं। हवाई फायर पर ही हाथी खौफजदा होकर जंगल की ओर भागते हैं। बंदूक में गोली न होने से हाथी को भगाने में खतरा बना रहता है। दून मार्ग पर भी हाथी की आमद बनी रहती है, जहां सुबह से रात नौ बजे तक वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

दून के एसडीओ बीबी मर्तोलिया ने बताया कि ऋषिकेश वन रेंज में कारतूस न होने का मामला संज्ञान में है। फिलहाल हाथी को आबादी से भगाने के लिए पटाखे की व्यवस्था की गई है। जल्द रेंज कार्यालय को डिमांड के अनुरूप कारतूस उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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