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यहां ठंड में भी जलने लगे जंगल, चाह कर भी नहीं कर पा रहा कोई कुछ, जानिए वजह

Wed, 03 Jan 2018 04:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
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जंगल में आग - फोटो : ANI
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ठंड में भी जंगलों का जलना बड़ी अजीब बात है और ऐसा होने से कोई रोक भी नहीं पा रहा है। जानिए वजह...

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इस साल जाड़ों में ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई हैं। इस समस्या से परेशान  सिविल सोयम और अल्मोड़ा वन प्रभाग स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। न तो फील्ड के लिए पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए बजट मिला है। फिलहाल दोनों विभागों ने फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत करते हुए आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

तीन दिन पूर्व कसारदेवी के पास माट वन पंचायत और फलसीमा के जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें दोनों स्थानों में करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा। वन विभाग के पास दिक्कत यह है कि उसके पास पर्याप्त फील्ड कर्मचारी नहीं हैं। जिससे अवैध शिकार, अवैध पातन, रेसक्यू, वनाग्नि की रोकथाम, वन अपराध आदि कार्यों में नजर रखने के लिए विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि सिविल सोयम और वन प्रभाग ने इन दिक्कतों के बावजूद अग्रि सुरक्षा योजना तैयार कर ली है। सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि अग्रि सुरक्षा योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि अग्रि सुरक्षा योजना के लिए धनराशि भी नहीं मिली है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें एक डिवीजन के लिए ही करीब 30 लाख का प्रस्ताव है। इसके अलावा पदों की कमी के संबंध में भी हर माह रिपोर्ट भेजी जाती है।

 

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फायर सीजन शुरू होने से पहले ही करनी पड़ रही व‌िभाग को मशक्कत

forest fire - फोटो : amar ujala/ file photo
वनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने वन रक्षकों और अधिकारियों को सचेत करते हुए आग लगाने वालों को पकड़ने और आग नियंत्रण के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। वैसे वन विभाग वनाग्रि नियंत्रण का काम फायर सीजन शुरू होने पर ही करता है। जो कि 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि आग लगाने वालों पर वन अधिनियम 26 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। जिसमें कम से कम छह माह की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

सिविल सोयम वन प्रभाग में खाली पद
अल्मोड़ा। सिविल सोयम वन प्रभाग में स्वीकृत 171 पदों में से 117 पदों में ही कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि 54 पद रिक्त हैं। इनमें सहायक वन संरक्षक का एक पद, वन क्षेत्राधिकारी के स्वीकृत सात पदों में से चार पद, डिप्टी रेंजर के 18 पदों में से 10 पद खाली हैं। इसके अलावा वन रक्षक के 51 पदों में से 15, वन दरोगा के 36 स्वीकृत पदों में दो, चौकीदार और माली के चार- चार, चालक के तीन और सहायक लेखाकार, व्यायाम प्रशिक्षक, अर्दली, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, वरिष्ठ सहायक, सर्वेयर आदि के एक-एक पद रिक्त हैं।

अल्मोड़ा वन प्रभाग में खाली पद
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा वन प्रभाग में कर्मचारियों के 65 प्रतिशत पद खाली हैं। जिनमें वन आरक्षी के 130 पदों के सापेक्ष 45 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसके अलावा वन दरोगा के 109 पदों के सापेक्ष 72, ऑफिस स्टाफ के स्वीकृत 15 पदों के सापेक्ष 11 और चौकीदार के 65 पदों के सापेक्ष 27 पद में ही कर्मचारी कार्यरत हैं।

वन विभाग स्टाफ की भारी से जूझ रहा है। जिसके चलते कई समस्याएं आ रही हैं। फिलहाल उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव बना कर भेजे गए हैं। जिसमें शासन स्तर से कार्रवाई होनी है।
पंकज कुमार, डीएफओ, अल्मोड़ा वन प्रभाग।
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