रोकने पर गोलाबारी करते हैं
पत्र में कहा गया है कि तस्कर इतने बेखौफ हैं कि जब वन विभाग की टीम इनको रोकने का प्रयास करती है तो वह टीम पर गोलाबारी करने लगते हैं। इसके अलावा बलपूर्वक वन विभाग से पकड़े गए वाहन और वन उपज को छुड़ा ले जाते हैं। वन विभाग ने संबंधित अपराधियों के परिवार के अन्य कौन से सदस्य अवैध पातन में लिप्त होने, उनकी संपत्ति आदि का भी ब्यौरा दिया है।
एक साल में वन कर्मियों पर हुए कई हमले
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं ने एक साल में तराई पश्चिम, तराई केंद्रीय और रामनगर वन प्रभाग में वन कर्मियों पर हुए हमले का भी ब्यौरा दिया है। इसमें बताया गया है कि पिछले साल सितंबर से 18 अगस्त तक वन विभाग की टीम पर 17 बार हमले हुए हैं। इसके अलावा इस महीने भी वन कर्मियों पर अपराधियों ने हमला बोला है।
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अभी छह अपराधियों की डिटेल को भेजा गया है। इन अपराधियों पर वन अधिनियम में मुकदमे दर्ज हैं, इसके अलावा पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हुआ है। इसमें जानलेवा हमले, आर्म्स एक्ट के के मुकदमे तक हैं। यह संगठित तौर पर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। इसके अलावा अन्य तस्करों की भी सूची को तैयार किया जा रहा है। पीसीसीएफ को पत्र भेजकर इन पर पुलिस के माध्यम से कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। जिले स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है। - धीरज पांडे, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं