कोरोना के चलते जहां लाखों लोग जिंदगी गंवा चुके हैं और लाखों देशभर के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। वहीं, राजाजी टाइगर रिजर्व के साथ ही देहरादून वन प्रभाग के जंगलों में रहने वाले वन गुर्जरों ने यह बात साबित कर दी है कि एकांत जीवनशैली और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर कोरोना से जंग बखूबी जीती जा सकती है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि टाइगर रिजर्व के भीतर जितने भी वन गुर्जर परिवार हैं, उनमें कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया। कमोवेश यही बात देहरादून वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी राजीव धीमान ने बताई। कहा कि वन गुर्जर जंगलों के बीच रहते हैं और उनका आबादी से जुड़े लोगों से मेलजोल कम ही रहा है। ऐसे में उनके संक्रमण की संभावनाएं भी कम रहीं।
वहीं, कोरोना संकट के इस दौर में वनगुर्जरों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए राजाजी टाइगर रिजर्व के साथ ही देहरादून वन प्रभाग के अधिकारियों द्वारा वन गुर्जरों को राशन के साथ ही जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही हैं। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है। वन गुर्जरों को इस बात की भी जानकारी दी जा रही है कि वे कोरोना संक्रमण से खुद को कैसे बचाएं।