आयोग एक स्वतंत्र निकाय है। भर्ती परीक्षा कराने में आयोग का प्रदेश सरकार से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि 66 भर्ती परीक्षाओं में से छह परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात सामने आई, पांच मामलों में आयोग ने स्वयं ही गड़बड़ी पकड़ कर मुकदमा दर्ज कराया। सीमित संसाधनों के बाद भी आयोग पारदर्शिता के साथ भर्ती परीक्षाएं आयोजित कर रहा है।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग आने वाले समय में ऑनलाइन भर्ती परीक्षाएं कराने की तैयारी कर रहा है। इससे परीक्षाओं में सामने आ रहीं गड़बड़ियों को समाप्त किया जा सकेगा। ऑफलाइन परीक्षाओं में जैमर का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इससे परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस काम नहीं कर पाएगा।
2017 के बाद 5000 पदों पर चयन
मार्च 2017 के बाद से अब तक चयन आयोग ने 63 भर्ती परीक्षाएं आयोजित कर पांच हजार से अधिक पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की है। जबकि वर्ष 2015 से 2017 तक मात्र तीन परीक्षाओं में 600 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया गया था।