मुख्य वन संरक्षक, वनाग्नि और आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा ने बताया कि प्रदेश में भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) की ओर से वनाग्नि के अलर्ट मिले हैं। प्रभागों में डीएफओ और रेंज अधिकारियों की ओर से इनका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, कई जगह कंट्रोल बर्निंग और फायर लाइन के लिए भी आग लगाई जाती है। एफएसआई के फायर अलर्ट में ऐसी आग भी दर्ज होती है।
विभाग के मुखिया ने जारी किया अलर्ट
प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक ने बताया, प्रभागों के अंतर्गत स्थापित क्रू स्टेशनों, मॉडल क्रू स्टेशनों, प्रभागीय कंट्रोल रूम को सक्रिय करते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, वनाग्नि प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर भी जन सहयोग के लिए कहा गया है। इसके अलावा वनों को आग से बचाने के लिए समुदाय आधारित संगठनों, वन पंचायतों, महिला-युवा मंगल दलों के साथ अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश वन प्रभागों को दिए गए हैं।