- वन अधिकारियों ने सुनीं होटल व्यवसायियों की समस्याएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
चकराता। जंगलात चौकी स्थित वन विश्राम गृह पर होटल संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य वन संरक्षक ईको टूरिज्म पीके मात्रो से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के कार्यक्षेत्र के पर्यटक केंद्रों को विकसित करने की मांग की। मुख्य वन संरक्षक ने पर्यटक स्थलों के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन होटल व्यवसायियों को दिया।
क्षेत्र भ्रमण पर सोमवार को चकराता पहुंचे मुख्य वन सरंक्षक ईको टूरिज्म जायका बेंबू बोर्ड पीके मात्रो से होटल संगठन के पदाधिकारियों की चर्चा में क्षेत्र के पर्यटन विकास के बिंदु प्रमुख रहे। होटल संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मोईला टॉप, कनासर, बुधेर, देवबन, खड़बा, मुंडली आदि समेत कई अन्य पर्यटक स्थल वन विभाग के कार्य क्षेत्र में आते हैं। यह सभी पर्यटक केंद्र चकराता आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र भी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक केंद्रों के आसपास शौचालय, पार्किंग, टिनशेड व विश्राम की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे पर्यटकों को काफी असुविधा रहती है। उन्होंने बताया कि पर्यटक केंद्रों तक पहुंचने के लिए उपयोग किए जाने वाले मार्ग भी खस्ताहाल हैं।
चर्चा के दौरान मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि जन सुविधाएं जुटाने के लिए विभाग हर संभव प्रयास करेगा। इसके अलावा देवबन से मुंडाली तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण किया जाएगा। इसके अलावा पैदल ट्रैक के सुधार की भी रूपरेखा बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन व्यवसाय से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही वन विभाग के सभी रेस्ट हाउस में डिजिटल बुकिंग शुरू की जाएगी।
इस दौरान चकराता के प्रभागीय वन अधिकारी अभिमन्यु, रेंज अधिकारी कृष्ण सिंह भंडारी, होटल संगठन के अध्यक्ष विक्रम सिंह पंवार, रोहन राणा, दिनेश चांदना, इंद्र सिंह राणा, अमित जोशी, सुरेंद्र सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान उपस्थित रहे।