उत्तराखंड के बारहसिंघों पर रेडियो कॉलर लगाने की तैयारी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे कई रहस्यों से पर्दा उठेगा। जानिए, क्या खुलेंगे राज...
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने झिलमिल कंजर्वेशन रिजर्व में बारहसिंघों पर रेडियो कॉलर लगाने की इजाजत दे दी है। प्रथम चरण में चार बारहसिंघों पर ये कॉलर लगाए जाएंगे।
जिनके जरिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) के वैज्ञानिक इनके आचार-व्यवहार, माइग्रेशन, आनुवांशिकी, बीमारी समेत अन्य पहलुओं पर अध्ययन करेगें। इसमें सामने आने वाले नतीजों के आधार पर बारहसिंघों के संरक्षण को न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि उत्तरप्रदेश की सीमा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।