कालसी स्थित यमुना नदी में रेत-बजरी निकालने के लिए खोदे गए गहरे गडढे।
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यमुना नदी में कराए जा रहे अवैध खनन की शिकायत पर छापा मारने के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को देखते ही नदी में भगदड़ मच गई। खनन सामग्री भर रहे वाहन सामग्री गिराकर यमुना से मिलने वाली हिमाचल की सीमा की ओर भाग खड़े हुए। उधर, विभाग के क्षेत्र स्थित बैरियर पर सीसीटीवी कैमरे बंद होने पर डीएफओ ने कर्मचारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत कैमरे ठीक कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को दिए।
कालसी तहसील मुख्यालय के पास यमुना नदी में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन की शिकायत पर कार्रवाई करने पंहुची वन विभाग की टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। चकराता वन प्रभाग की रीवर रेंज के रेंजर जीएस धमांदा के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए यमुना नदी में पंहुची टीम को देखते ही खनन सामग्री भर रहे ट्रैक्टर-ट्राली व ट्रक आदि वाहन हिमाचल प्रदेश की सीमा की ओर दौड़ पड़े। टीम के काफी प्रयासों के बावजूद अवैध खनन कर रहे वाहन टीम की पकड़ में नहीं आ सके। उधर वन प्रभाग की डीएफओ कल्याणी ने वन विभाग के बैरियर पर रजिस्टर व रवन्ने आदि कागजात की जांच की। इस दौरान बैरियर पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएफओ ने किसी भी दशा में अवैध खनन को रोकने व सीसीटीवी कैमरों को तुरंत ठीक कराने के निर्देश भी दिए। रेंजर जीएस धमांदा ने बताया कि कैमरे तकनीकि खराबी आने के कारण बंद थे। जिन्हें शीघ्र ठीक करा लिया जाएगा।