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उत्तराखंडः जहां हर साल गिरती थी बर्फ अब वहां धधक रही आग

Sun, 24 Jan 2016 06:13 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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मध्य हिमालयी क्षेत्र में स्थित उत्तराखंड की मद्महेश्वर घाटी की जिन घाटियों और पहाड़ियों में इन दिनों कई फीट तक बर्फ जमा रहती थी, वहां इस बार आग धधक रही है।
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यहां जंगल आग की चपेट में हैं। खेतों से नमी भी गायब है। कुछ स्थानों पर ही साग-भाजी की पौध नाममात्र नजर आ रही है। यहां दिन का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।

बीते वर्षों में ऊखीमठ से आगे मनसूना, बुरूआ, तोषी, गौरीकुंड, राउलेंक, रांसी, अगतोली, भौंसाल और गौंडार गांव में 3 से 7 फीट तक बर्फ होती थी। सड़क और पैदल मार्गों पर बमुश्किल से आवागमन होता था।
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इस वर्ष जनवरी का महीना दहलीज पर पहुंच चुका है, बर्फ कहीं नजर नहीं आ रही है। यहां पहाड़ियां वीरान हैं और घाटियों में घास सूख रही है।

लाखों की वन संपदा जलकर राख

हालात यह है कि मद्महेश्वर धाम तक बर्फ नहीं है। जनवरी में जहां तापमान बमुश्किल 6 से 8 डिग्री के बीच रहता था, वहीं इन दिनों औसतन 16 से 25 डिग्री तक पहुंच रहा है। दूसरी तरफ यहां दो माह से वनाग्नि की चपेट में होने से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो चुकी है।

वन विभाग की मानें तो अब तक 10 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग से स्वाह हो चुका है। गौंडार गांव के वयोवृद्ध आलम सिंह पंवार, कुंवर सिंह, शिवपाल सिंह आदि बताते हैं कि वर्ष 2014 में दिसंबर-जनवरी माह में 7 फीट बर्फ थी।

मार्च माह में भी बमुश्किल से आवागमन हो पाया था। इस बार बर्फ के अभाव में खेतों की नमी खत्म होने से फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। पेयजल स्रोत सहित मधु गंगा में भी पानी कम हुआ है। रांसी के ईश्वरी प्रसाद भट्ट बताते हैं कि अब तक गांव तो दूर, पांच से दस किमी ऊपरी जंगलों में बर्फ नहीं गिरी है।

मौसम में एक समानता नहीं होता है। किसी बारिश या बर्फ अधिक तो कभी कम होती है। इस वर्ष अपेक्षा से काफी कम बर्फ गिरने से वातावरण में नमी कम हुई और तापमान बढ़ा है।
- विक्रम सिंह, निदेशक मौसम विभाग उत्तराखंड
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रुड़की में ठंड से वृद्ध की मौत

उधर, रुड़की में ठंड के चलते रेलवे स्टेशन पर वीआईपी लॉज के बाहर एक वृद्ध की मौत हो गई है। शहर में ठंड से यह दूसरी मौत है। पिछले कई दिनों से ठंड जानलेवा साबित हो रही है।

शनिवार सुबह करीब 70 वर्षीय वृद्ध रेलवे स्टेशन के वीआईपी लॉज के बाहर मृत पाया गया। जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इससे तीन दिन पहले गंगनहर पुल के समीप ठंड के चलते एक वृद्ध की मौत हो गई थी।

नारसन क्षेत्र में भी एक सप्ताह पूर्व सड़क किनारे लेटे एक व्यक्ति को सुबह मृत पाया गया था। बावजूद इसके लिए प्रशासन की ओर से ठंड से बचने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

शनिवार को भी शहर और देहात में ठंड का प्रकोप जारी। सुबह निकली धूप के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। दिनभर शीतलहर के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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