हिमालयी क्षेत्रों में अलग अलग ऊंचाइयों पर पाए जाने वाले वन क्षेत्रफल के सर्वे के लिए शटल रडार टोपोग्रॉफी मिशन (एसआरटीएम) तकनीक का सहारा लिया गया। वन सर्वेक्षण के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे देश में 701495 वर्ग किमी क्षेत्रफल वनों से आच्छादित है।
इसमें 88633 वर्ग किमी बेहद घने जंगल, 312739 वर्ग किमी कम घने जंगल, 300123 वर्ग किमी खुले वन शामिल हैं। इसके अलावा 41540 वर्ग किमी में झाड़ियां हैं। संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य व उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम और प्रदूषण में आ रहे बदलाव के चलते वन क्षेत्रफल में कमी आई है।
क्षेत्रों में वन क्षेत्रफल कम होेने के कई कारण है जिसमें मौसम में बदलाव व प्रदूषण शामिल हैं। वन क्षेत्रफल के कारणों का अध्ययन कराया जा रहा है। उसके बाद हरसंभव कदम उठाए जाएंगे ताकि वनों को घटने से रोका जा सके।
- प्रकाश लखचौरा, उप महानिदेशक भारतीय वन सर्वेक्षण