सेना के हेलीपैड से आईटीबीपी के छह और मुनस्यारी हेलीपैड से नौ जवानों सहित कुल 15 कुशल पर्वतारोहियों को नंदादेवी बेस कैंप-2 में उतारा गया। इसके बाद, दूसरी उड़ान में नैनीसैनी हवाई पट्टी से टीम के लिए विभिन्न उपकरण, राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री बेस कैंप द्वितीय में पहुंचाई गई। यह अभियान 20 से 22 दिनों तक चलेगा।
भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से आईटीबीपी का दल और राशन नंदा देवी बेस कैंप द्वितीय तक पहुंचाया गया है। लापता पर्वतारोहियों की खोज और शवों को निकालने के लिए 20 से 22 दिनों की कार्ययोजना बनाई गई है।
-डा. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी पिथौरागढ़