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आखिर क्यों? विदेशियों को भाया उत्तराखंड का ये हिल स्टेशन, जानिए...

Fri, 23 Sep 2016 08:10 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
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foreigner
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नैनीताल के पास गैरखेत क्षेत्र विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
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बीते वर्षों में यहां खुले आकाश के नीचे टेंट लगाकर प्रकृति के सानिध्य में रहने और योग के माध्यम से सेहत सुधारने के इच्छुक विदेशी काफी तादाद में आ रहे हैं। निजी स्तर पर कुछ उद्यमी उनके रहने-खाने की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली है। जिला अभिसूचना के अधिकारियों की विदेशियों की आवाजाही पर नजर है। 

उन्होंने इस स्थल का निरीक्षण कर संचालकों को विदेशी पर्यटकों से सी फार्म सुनिश्चित करने और उन्हें ठहराने के लिए पर्यटन विभाग से स्वीकृति लेने के प्रति आगाह भी किया है। हालांकि कई मामलों में पर्यटकों के सी फार्म अभिसूचना कार्यालय में जमा कराए भी गए हैं।
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बहरहाल इस प्रकरण से यह तथ्य अवश्य उजागर हुआ है कि अभी तक बगैर प्रचार प्रसार और सरकारी सहयोग के चल रहे इस व्यवसाय को समुचित व्यावसायिक स्वरूप दिए जाने से इस क्षेत्र में नेचर टूरिज्म को ट्रैकिंग और योग जोड़कर पर्यटन उद्योग को नए आयाम दिए जा सकते हैं।
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रेनबो गेदरिंग फैमिली संस्था के जरिए फेसबुक पर संपर्क हुआ

फेसबुक - फोटो : getty
जिला अभिसूचना कार्यालय के विदेशी पर्यटक विभाग के उप निरीक्षक नंदन सिंह बिष्ट और अखिलेश सिंह ने बीते रोज गैरखेत क्षेत्र का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि वहां दो उद्यमियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर टेंट लगाकर विदेशी पर्यटकों को ठहराया गया है। ये पर्यटक प्राकृतिक स्थानों पर खुले में रहने और ध्यान-योग के शौकीन हैं और रेनबो गेदरिंग फैमिली संस्था के माध्यम से फेसबुक से उनका संपर्क हुआ है।
 
बिष्ट के अनुसार एक संस्था के संचालक मोनिश जलाल हैं। यहां अमेरिका व चीन से पर्यटक आए थे जिनके सी फार्म अभिसूचना कार्यालय में जमा थे, लेकिन कैंपिंग कराने के लिए पर्यटन विभाग से अनुमति नहीं ली थी। एक अन्य संस्था के संचालक फरहान अहमद ने जिन पर्यटकों को ठहराया उनसे न तो सी फार्म जमा कराए, न ही उन्हें टेंट में रखने की अनुमति ली।

बिष्ट के अनुसार हालांकि पर्यटकों के पासपोर्ट तथा बीजा आदि नियमानुसार है। इसलिए पर्यटकों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। फिर भी उन्होंने पर्यटकों को घने जंगल के बीच रहने पर अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सचेत कर दिया है।

साथ ही संचालकों को इस आशय के नोटिस जारी किए हैं कि वे पर्यटकों को बगैर पूर्व अनुमति के न ठहराएं और उनके सी फार्म भरा जाना सुनिश्चित करें। बिष्ट व अखिलेश ने बताया कि विदेशी पर्यटक यहां 2014 से आ रहे हैं और विभाग को उनकी आवाजाही की जानकारी है।
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