आपदा से निपटने के लिए हर न्याय पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित वालंटियरों की ‘फौज’ तैयार की जा रही है। उत्तराखंड में अब तक 16 हजार से अधिक वालंटियरों को ट्र्रेंड किया गया है।
जो किसी भी प्राकृतिक आपदा आने पर जान माल की सुरक्षा और फर्स्ट एड उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के माध्यम से कैंप लगाकर अधिक से अधिक वालंटियरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राज्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा की घटना के दौरान सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर पहुंचते हैं। अगर उन्हें आपदा से निपटने के लिए जरूरी ज्ञान और बचाव कार्य की जानकारी दी जाए तो समय से पहले जान माल का नुकसान होने से बचाया जा सकता है।