जन शिकायतों का तत्काल निस्तारण करने के लिए कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में जनता दरबार लगा। जिलेभर के अफसर सभागार के अलावा आनलाइन भी जुड़े। डीएम सोनिका 11:45 बजे तक सुनवाई करने के बाद सरकारी कार्य आने के कारण कहीं चली गई। उनकी जगह सीडीओ झरना कमठान सुनवाई करने लगी। कतार में सबसे आगे खड़े बुजुर्ग मनरेगा में मनमानी को लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। उन्हें मनरेगा में कार्य वितरण में भेदभाव से लेकर अन्य कई आपत्तियां हैं। बुजुर्ग ने कहा, चौथी बार अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में आए हैं। खेद जताते हुए कहने लगे एक शिकायत के निस्तारण के लिए सीनियर सिटीजन को अगर चार बार आना पड़े और हर बार अफसरों के आदेश के बाद भी विभागीय अफसर न सुनें तो यह ठीक नहीं। सीडीओ ने भरोसा दिलाया उनकी समस्या का सौ फीसदी निस्तारण हो जाएगा। उधर, डीएम ने भी ऐसे मामलों में निलंबन की कार्रवाई के लिए चेताया।
Iजनसुनवाई में 120 शिकायतें प्राप्त हुईI
जनसुनवाई में 120 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें अधिकतर शिकायतें भूमि से संबंधित थीं। इसके अतिरिक्त आपसी विवाद, भरणपोषण, समाज कल्याण विभाग की पेंशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कोविड काल में अधिग्रहित किए गए वाहन का भुगतान कराने, दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत आदि की शिकायतें रहीं। जनसुनवाई में विलासपुर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, जागृति विहार सहस्त्रधारा में भूमि पर अवैध कब्जा, माजरा माफी आईआईपी में भूमि पर अवैध प्लाटिंग, गलज्वाड़ी में पंचायत की भूमि को खुर्दबुर्द करने की शिकायत, स्वामित्व योजना के अन्तर्गत किए गए सर्वे में कम दर्शायी भूमि को रिकार्ड में ठीक करने आदि की शिकायतें प्राप्त हुईं। डीएम ने कहा कि शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई करें, ताकि किसी को भटकना न पड़े।