आरोप है कि विवाह के बाद से ही दहेज में 50 लाख रुपये व इंडीवर कार की मांग को लेकर उसके पति शशांक सिंह, सास मुक्ता सिंह, ससुर रविंदर सिंह उर्फ रवि सिंह, जेठ अनुराग सिंह और जेठानी दीपाली ने उसका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न शुरू कर दिया।
ससुराली अपने ऊंचे राजनैतिक रसूख का रौब दिखाकर उसके परिवार को बर्बाद करने की धमकी देते रहे। कई बार पंचायत करने के बाद भी ससुरालियों का रुख नहीं बदला।
ससुरालियों ने दबाव बनाकर दो बार उसका जबरन गर्भपात भी करा दिया। जून 2015 में ससुराली उसे मायके छोड़कर चले गए।
सात नवंबर 2017 को उसके गिरीताल स्थित मायके में पंचायत हुई। इसमें उसके पिता ने कुछ रकम नकद देने की बात कही और बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए समय मांगा।
ससुराली 50 लाख रुपये व इंडीवर कार लेने की जिद पर अड़ गए। दहेज की मांग पूरी न होने पर वह धमकाते हुए चले गए। एएसपी के निर्देश पर महिला हेल्पलाइन में मामले की काउंसलिंग कराई गई।
दोनों पक्षों के बीच सहमति न बन पाने के चलते पुलिस ने विवाहिता की तहरीर पर उसके पति शशांक, सास मुक्ता सिंह, ससुर रवि सिंह, जेठ अनुराग सिंह और जेठानी दीपाली के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने एवं जबरन गर्भपात कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।