मानदेय बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में भोजनमाता संगठन ने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने धरना स्थल पर पहुंच भोजनमाताओं को अपना समर्थन दिया।
जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि प्रदेश सरकार भोजनमाताओं का शोषण कर रही है। कोई भी कर्मचारी वर्ग वर्तमान में सरकार के कामों से संतुष्ट नहीं है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण नहीं कर रही है। जिससे कर्मचारी वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
वर्तमान में भोजनमाताओं को मानदेय के रूप में दो से तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। इतनी कम राशि में उनके लिए घर चलाना नामुमकिन है। मैदानी जिलों में अक्षय पात्र फाउंडेशन को मध्याह्न भोजन योजना का काम सौंपने के बाद संबंधित स्कूलों में तैनात भोजनमाताओं के भविष्य पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। सरकार को भोजनमाताओं की मांगों पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं हरिद्वार की भोजनमाताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी शुक्रवार को आयोजित धरने में शामिल हुआ। धरना देने वालों में भगवानपुर हरिद्वार की जिलाध्यक्ष सुमन, संयोगिता, बबीता, मूर्ति देवी, लता, बलजीत कौर, बबली, ललतेश, मुकेश, संतोष देवी, झूलो देवी, बोरो देवी, आशा रावत, परमजीत, आशा वर्मा, मिम्मा देवी, सुमन मिश्रा, ऊषा राठौर, विमला, शर्मिला, संसारवती, रविता, अंबिका देवी, पुष्पा, मंजू, सुनीता, चंपा, कमल राणा, संगीता, ममता, धरमो, बबली, काजल गुप्ता आदि शामिल रहे।