गडेरा निवासी हरीश सिंह गढ़िया के बेटे नंदन सिंह गढ़िया की बारात बृहस्पतिवार को बास्ती गांव में मोहन सिंह महर के घर गई थी। बाराती-घराती खाना खाकर घर चले गए थे। रात में लगभग दस बजे के करीब जिन-जिन लोगों ने बारात में खाना खाया था, उन्हें उल्टी-दस्त होने लगे तो हड़कंप मच गया। रातभर ग्रामीण परेशान रहे। शुक्रवार सुबह सात बजे बागेश्वर जिला प्रशासन को सूचित किया गया।
कपकोट विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम को बास्ती गांव भेजा। प्रशासन ने बताया कि बास्ती, गडेरा, सनगाड़, थूमा और द्वारी गांवों के 250 से अधिक ग्रामीण बीमार हैं। इनमें से 152 से अधिक मरीज बेरीनाग अस्पताल, 42 कांडा और लगभग 14 मरीज बागेश्वर अस्पताल में मरीज भर्ती हैं। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण को भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल बागेश्वर में भर्ती किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया।
एसडीएम कांडा रिंकू बिष्ट, सीओ महेश जोशी सहित डॉ. बीएस रावत, केबी वर्मा, विक्रम वर्मा, मनोज कोरंगा, विक्रम कार्की ने बास्ती गांव जाकर मरीजों का हाल जाना और उनका प्राथमिक उपचार किया। कांडा, बेरीनाग, बागेश्वर से मंगाई गई पांच एंबुलेंसों से मरीजों को अस्पतालों में भेजा गया। एसडीएम रिंकू बिष्ट ने बताया कि 70 से अधिक लोगों का गांव में ही इलाज चल रहा है। डॉ. बीएस रावत ने बताया कि अधिकांश मरीजों की हालत में अब सुधार है।
बास्ती गांव में बारात के भोजन के दौरान किस खाने में विषाक्त होने के लक्षण थे, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन ग्रामीणों को आशंका है कि रायता विषाक्त होगा क्योंकि जिन लोगों ने रायता नहीं खाया वे बीमार नहीं हुए। ग्रामीणों ने बताया कि बारात में चंचल महर, इंदिरा देवी, तारा देवी, धन सिंह ने रायता नहीं खाया तो उन्हें फूड प्वॉइजनिंग नहीं हुई।
रायता खाने से बकरी भी बीमार
ग्रामीणों ने बताया कि रायते के विषाक्त होने का अंदेशा तब गहरा हो गया जब एक बकरी को रायता दिया तो वह भी बीमार हो गई। हालांकि, प्रशासन घटना की गहन जांच कर रहा है। जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने साथ ही भोजन किया। पूर्व विधायक बीमार हो गए, लेकिन जिपं अध्यक्ष ठीक है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने रायता नहीं लिया जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि रायता ही खराब था। जिला पंचायत अध्यक्ष का गनर नरेंद्र सिंह भी बीमार है।
11 किमी का सफर डेढ़ घंटे में
धरमघर से बास्ती तक की दूरी 11 किमी है। इस 11 किमी के सफर को तय करने के लिए लोगों को डेढ़ घंटे का समय लगा। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खस्ता है। जगह-जगह गड्ढों के चलते सड़क में वाहन चलाना काफी मुश्किल हो रहा था। गांव में मरीज कराह रहे थे, लेकिन खस्ताहाल सड़क के कारण गांव तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। सामाजिक कार्यकर्ता होशियार सिंह महर ने डॉक्टरों के आने से पूर्व ही काफी घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद की।