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उत्तराखंड: फूड प्वॉइजनिंग से दो मजदूर परिवार के नौ बच्चों समेत 11 लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती

Mon, 25 Mar 2019 09:57 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
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अस्पताल में भर्ती फूड प्वॉइजनिंग से पीड़ित बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में फूड प्वॉइजनिंग से नंधौर नदी के खनन मजदूरों के दो परिवार बीमार हो गए। इनमें से नौ बच्चे और दो वयस्क शामिल हैं। बीमार लोगों को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है ,जहां उनकी हालत में सुधार है। 

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रामपुर जिले के बिलासपुर स्थित हाशमीनगर निवासी अहमद नबी और आसिम नंधौर नदी में उप खनिज निकासी करते हैं। दोनों परिवार के सदस्यों के साथ चोरगलिया के आमखेड़ा में झोपड़ी डाल कर रहते हैं।

रविवार की शाम को अहमद नबी बाजार से सोयाबीन बड़ी खरीद कर लाया था। रात में उसके घर यही सब्जी बनी थी। परिवार के सभी सदस्यों के अलावा आसिम के दो बच्चों ने बड़ी की सब्जी खाई थी। इसके बाद सभी सो गए, सुबह सभी लोगों की तबियत खराब हो गई।

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आसपास के लोगों ने खुशनुमा पत्नी अहमद नबी, अहमद नबी पुत्र मकबूल, जीशान, रहमान, शाइस्ता, अरमान, अमान, तबस्सुम, आयत नूर (सभी अहमद नबी के परिवार के हैं) और कासिम व आसिन पुत्र आसिम को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सभी की हालत में सुधार है। घटना की सूचना पर पुलिस और खुफिया विभाग ने बेस अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली। 

पुराने सोयाबीन से फूड प्वॉइजनिंग की आशंका 
विशेषज्ञ बताते हैं कि पुराना सोयाबीन भी खाने योग्य नहीं होता है। पुराने सोयाबीन में गर्मी के कारण फंगस (फंफूदी) लग जाते हैं। फंगस के कारण फूड प्वॉइजनिंग की आशंका रहती है। नंधौर के मजदूरों में भी इसी कारण फूड प्वॉइजनिंग होने की आंशका है।  
 
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ये सावधानियां बरतें-डॉ. नीरज त्रिपाठी

-बदलते मौसम में खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 
-गर्मियों में बासी या बाहर का खाना नहीं खाएं, बची हुई सब्जी या खाना फेंक दें। 
-कटे फल व पुरानी सब्जी न खाएं।
-पानी उबाल कर पीएं। गर्मियों में रोज नहाएं।
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