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फूड प्वाइजनिंग केस: 297 पीड़ितों का निशुल्क इलाज कराएगी सरकार, दो बच्चे एक महिला की हो चुकी मौत

Sat, 01 Dec 2018 09:26 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बागेश्वर
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फूड प्वाइजनिंग
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कपकोट के बास्ती गांव में विवाह समारोह के दौरान ढाई सौ से अधिक लोगों के बीमार पड़ने और तीन की मौत होने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि हादसे में बीमार हुए सभी ग्रामीणों का सरकार निशुल्क इलाज कराएगी। उन्होंने मंडलायुक्त से इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए आयुक्त को बागेश्वर के जिलाधिकारी के संपर्क में बने रहने के निर्देश दिए हैं। 

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मुख्यमंत्री रावत ने बीमार ग्रामीणों को इलाज की बेहतर सुविधा देने के साथ-साथ आयुक्त को संबंधित गांवों में विशेषज्ञ चिकित्सक भेजने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री के सचिव व आयुक्त राजीव रौतेला ने अस्पताल पहुंचकर डाक्टरों को जरूरी निर्देश दिए।

आयुक्त ने बताया कि कपकोट में हुई इस घटना के बाद अधिकांश प्रभावित ग्रामीण बागेश्वर, कांडा, बेरीनाग व अल्मोड़ा में इलाज के लिए चले गए। इनमें से कुछ ही हालत बिगड़ने पर उन्हें हेलीकाप्टर से हल्द्वानी लाया गया। सचिव स्वास्थ्य नितेश झा के अनुसार रोगियों को बेहतर इलाज के लिए एसटीएच लाया गया है।

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फूड प्वाइजनिंग
कपकोट में शुक्रवार को विवाह समारोह में दूषित भोजन (फूड प्वाइजनिंग) का शिकार हुए करीब 300 पीड़ित लोगों में से दो बच्चों और एक महिला की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। 51 लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया।

इनमें से नौ को हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी लाया गया है। 250 से अधिक पीड़ितों का अब भी बागेश्वर जिला अस्पताल, बेड़ीनाग, कपकोट, कांडा में इलाज चल रहा है। 48 मरीजों की हालत में सुधार होने पर उन्हें रिलीव कर दिया गया है। कुमाऊं आयुक्त ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डीएम से रिपोर्ट तलब की है। 

बेरीनाग अस्पताल में हालत बिगड़ने पर शनिवार सुबह पीयूष (5) पुत्र देव सिंह की मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद पांच वर्षीय मीनाक्षी की हल्द्वानी ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि 60 वर्षीय नंदी देवी ने हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में दम तोड़ा। आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक बेड़ीनाग में 152 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 30 लोगों को 108 एंबुलेस की मदद से हायर सेंटर पहुंचाया गया और नौ पीड़ितों को हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी भेजा गया।

भोजन में कीटनाशक मिला होने की भी आशंका

फूड प्वाइजनिंग
113 मरीज अब भी बेड़ीनाग के अस्पताल में भर्ती हैं। बागेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती 38 मरीजों में से 10 को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। सीएचसी कांडा में भर्ती 55 पीड़ितों में से नौ की हालत खतरे से बाहर होने पर उन्हें रिलीव कर दिया गया है, जबकि दो को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

कपकोट में 49 में से 38 मरीज रिलीव कर दिए गए हैं, जबकि सात को जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर किया गया है। चार पीड़ितों का अब भी यहीं उपचार चल रहा है। बास्ती मेें स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर 70 पीड़ितों का इलाज किया। इससे पहले दूसरे दिन भी पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती होने का सिलसिला जारी रहा। मौके पर रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ के साथ ही विभिन्न विभागों की टीमाें को तैनात किया गया है।

कपकोट ब्लाक  के बास्ती गांव में भोजन खाने से 300 लोगों के बीमार पड़ने और तीन लोगों की मौत को डॉक्टर सामान्य नहीं मान रहे हैं। उन्हें भोजन में कीटनाशक मिला होनेे या खाने को सुरक्षित रखने के लिए मिलाए जाने वाले पदार्थ (प्रिजर्वेेटिव) की मात्रा ज्यादा होने का भी अंदेशा है। डॉक्टरों के अनुसार मृतकों के विसरा जांच से ही स्थिति साफ हो सकेगी। 

बास्ती के मरीजों की अस्पतालवार सूची

फूड प्वाइजनिंग
1. बागेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
सनगाड़ निवासी नीरज सिंह, गोपुली देवी, बसंती देवी, साक्षी, तारा सिंह, जया, हिमुली, रंजना, चांदनी, बचुली देवी, बलवंत सिंह, बिशन सिंह, उम्मेद सिंह, रेखा, नीमा, नंदन सिंह, नीमा देवी, फकीर सिंह, बबीता, रेखा देवी, दीपक, मीनाक्षी, वर्षा, ललिता, मन्नू, दीवान, बास्ती निवासी सुंदर सिंह और पुलिस लाइन निवासी गनर नरेंद्र। 

2. कांडा सीएचसी में भर्ती मरीज
बास्ती निवासी नदुली देवी, अनुली देवी, हयात सिंह, पार्वती देवी, चंद्रिका, जानकी, ललिता, शांति, हीरा सिंह, आवेश सिंह, कमल सिंह, दीपा देवी, सुनीता देवी, नंदी देवी, ललिता, ममता, नीलम, पूनम, ममता, शोभा, कमल सिंह, राधा, पूजा, नीमा, मोहिनी, गीता, रेवती, पुष्पा, पदम सिंह, मालती, बसंती, चंपा, तारा सिंह, सुंदर महर, दीपक महर। 

3.धरमघर में भर्ती मरीज
बास्ती निवासी मोहन सिंह, हेमंत सिंह, दीवान सिंह, गिरीश सिंह, नीलम, कौशल्या, अंशु।

 
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क्या बोले अधिकारी

फूड प्वाइजनिंग
बास्ती गांव की घटना की जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य एवं पेयजल विभाग ने प्रभावित गांव में खाद्य सामग्री और पेयजल के सेंपल भरे। साथ ही पीड़ितों के स्टूल के सैंपल भी लिए गए हैं। 
- नरेंद्र सिंह भंडारी, प्रभारी जिलाधिकारी 

कोट 
सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। पेयजल की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी सैंपल जुटाए हैं। इसकी जांच के बाद ही साफ होगा कि फूड प्वॉयजनिंग का कारण क्या था। 
- डॉ. जेसी मंडल, मुख्य चिकित्साधिकारी
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