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500 नमूने खराब हो गए तब आए जांचने

Sun, 03 May 2015 11:09 AM IST
प्रवेश कुमारी / अमर उजाला, हल्द्वानी-रुद्रपुर
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उत्तराखंड की इकलौती राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषण लैब में खाद्य विश्लेषक नहीं होने से 500 नमूने खराब हो गए हैं।
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नियमानुसार नमूने की जांच 14 दिन की अवधि में करा ली जानी चाहिए। आखिर रुद्रपुर स्थित औषधि एवं खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को लोक विश्लेषक मिल गए। यह पद जून 2014 से खाली पड़ा था। अब नमूनों की जांच हो सकेगी।

लंबे इंतजार के बाद रुद्रपुर स्थित औषधि एवं खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को लोक विश्लेषक मिल गए। यहां प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए केंद्र की खाद्य अनुसंधान एवं मानकीकरण प्रयोगशाला के राजीव शर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर लिया।
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खाद्य आयुक्त को प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर वह खाद्य विश्लेषक के तौर पर नामित किए जाएंगे। 10 दिन के भीतर सैंपलिंग और जांच का काम शुरू होने की संभावना है। सूत्रों की मानें तो नामित करने की प्रक्रिया में सप्ताह भर लग सकता है। तकरीबन डेढ़ साल से प्रयोगशाला विश्लेषक के न होने से सैंपलिंग प्रक्रिया भी ठप पड़ी है।

सारे त्योहार मिलावट की आशंका में ही गुजरे। पिछले साल के भेजे 500 से अधिक सैंपल अभी इस प्रयोगशाला में जांच की बाट जोह रहे हैं। इस बीच औषधि एवं खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का प्रभार जेआर ध्यानी संभाल रहे थे।

राजीव शर्मा को तकरीबन तीन माह पूर्व प्रतिनियुक्ति पर यहां तैनाती दी गई थी, लेकिन उन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा था। प्रभारी जेआर ध्यानी के मुताबिक नामित किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सैंपलों की जांच आरंभ हो जाएगी।

टेस्ट में कर्मचारी अव्वल, मशीनें फेल
हाल ही में परीक्षण की काबिलियत जांचने के लिए सभी जगह से कर्मचारियों को दिल्ली बुलाया गया था। इसमें लैब के कर्मचारी अव्वल आए, लेकिन इनकी काबिलियत का फायदा उठाने में मशीनें भी बाधा बनी हैं।
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कुछ समय पहले खराब हुई औषधि एवं खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की ड्रग टेस्टिंग मशीन अभी तक ठीक नहीं हुई हैं। यह भी नहीं कहा जा सकता कि वह कब चालू होगी। प्रयोगशाला प्रभारी का कहना है कि इंजीनियरों को बुलाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
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