दून अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में इलाज को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने अस्पताल के गार्ड की तहरीर पर चार महिलाओं के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने इमरजेंसी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आए दिन होने वाले विवादों से ड्यूटी करना मुश्किल होता जा रहा है।
शहर कोतवाली में दर्ज तहरीर के अनुसार 19 जुलाई की सुबह करीब तीन बजे शुभान्या को उसके परिजन इलाज के लिए गायनी इमरजेंसी लेकर पहुंचे थे। अस्पताल कर्मियों ने मरीज के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए। आरोप है कि जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज के परिजन अचानक अस्पताल स्टाफ के साथ अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि प्रियंका, विजयलक्ष्मी, कंचन और दीपिका ने अस्पताल कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि इन महिलाओं ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड कविता, हरेंद्र सिंह और रमेश नौटियाल के साथ मारपीट की। घटना के दौरान इमरजेंसी वार्ड में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गार्ड प्रियंका परिहार की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने चारों महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।