उन्होंने बताया कि 11 नवंबर से एम्स के एनाटॉमी विभाग में अनुयायियों के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था प्रत्येक रविवार को अगले दस रविवार तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह एक बार में दस लोग व एक घंटे में अधिकतम 50 अनुयायी स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर का दर्शन कर सकेंगे।
दर्शन के इच्छुक लोगों को इसके लिए संस्थान में पंजीकरण कराना होगा। व्यक्तिगत तौर पर पंजीकरण कराने के अलावा ई-मेल के माध्यम से भी दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। बताया गया है कि दर्शन के दौरान मोबाइल व कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी।