हिमगिरि सोसाइटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय हिमगिरि महोत्सव का शनिवार को आगाज हो गया। इसमें पहले दिन कवि सम्मेलन और लोकगीतों ने समा बांध दिया। कार्यक्रम में रेशमा शाह और गजेंद्र राणा के गीतों से लोग मंत्रमुग्ध हो गए। 12 विद्यालयों के बीच सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई।
हिमगिरी महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। मुख्यमंत्री ने कहा, देवभूमि अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है। ऐसे आयोजन हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण दिला आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने तथा सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करते हैं। सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संगठनों में बड़ी शक्ति होती है। मुख्यमंत्री ने कहा, श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को प्राप्त करने के प्रयास लगातार जारी रखने होंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डॉ. दिनेश कुमार असवाल, चित्रकला के क्षेत्र में प्रो. शेखर चंद्र जोशी व पर्यावरण के क्षेत्र में सचिदानंद भारती को ‘हिमगिरि गौरव सम्मान-2024’ से सम्मानित किया। हिमगिरि के संस्थापक सदस्य दिनेश कुमार पांडे को तेल एवं गैस अन्वेषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
महोत्सव में उत्तराखंड की वेशभूषा, खानपान, जैविक खाद्यान, हस्तकला सहित 30 से ज्यादा स्टॉल लगाए है। वही क्विज प्रतियोगिता में समर वैली स्कूल ने प्रथम, द टांस ब्रिज स्कूल ने द्वितीय और केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड श्रम संविदा बोर्ड अध्यक्ष कैलाश पंत, सोसाइटी के अध्यक्ष गोपाल जोशी, सचिव आशीष चौहान, संदीप बिष्ट, एल मोहन लखेड़ा, देवेंद्र बिष्ट, शोभा नेगी, विजय मधुर आदि मौजूद रहे।