किसी भी राज्य की लोक संस्कृति और परंपराएं उस राज्य की आत्मा होती हैं। हमें अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को जानना और समझना होगा। साथ ही उनका सम्मान करना होगा। हमारी सुंदर परंपराओं में कितनी गहराई एवं विजन है, इसको समझकर नई पीढ़ी को भी बताना होगा।
उपरोक्त बातें सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इगास पर्व पर परेड मैदान में पहाड़ी मेला समिति, शक्ति सेवा एवं जन कल्याण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही। कहा कि हमारी अनूठी परंपराएं जहां एक ओर समरसता का पाठ पढ़ाती हैं, वहीं हमें आपस में जोड़ने का भी कार्य करती हैं। अपनी परंपराओं एवं संस्कृति का संरक्षण और इसे अगली पीढ़ी को सौंपना दायित्व है। जब हम अपने त्योहार और उत्सव परिवार, गांव और अपने लोगों के बीच मनाते हैं, तो खुशी और आनंद की कोई सीमा नहीं रहती है। हम सभी का यह प्रयास रहना चाहिए कि हम अपने लोक पर्वों को अपने लोगों के बीच मनाने का प्रयास करें। कहा कि अब हमारे प्रवासी भी इगास के अवसर पर गांवों में लौटने लगे हैं और पर्व परिवार और गांववालों के साथ मनाते हैं। यह प्रेरणादायक है।
कहा कि हमने इगास को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, किंतु केवल अवकाश घोषित करने से अपनी संस्कृति की महानता नहीं समझ पाएंगे, बल्कि इसके लिए हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि वर्ष 2025 में जब हमारा राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब तक हम प्रदेश की सवा लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का कार्य करेंगे। यह प्रयास निश्चित रूप से महिलाओं के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कहा कि समाज में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिला सशक्तीकरण के बिना एक आदर्श समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। कहा कि प्रदेश में महिलाओं को आरक्षण पर रोक संबंधी हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाई गई है।
कहा कि यह राज्य की महिलाओं के हित में लिया गया बड़ा निर्णय है। कहा कि सरकार प्रदेश की महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। हमने महिला आरक्षण को यथावत रखने के लिए अध्यादेश लाने की भी पूरी तैयारी कर ली थी। साथ ही सुप्रीमकोर्ट में भी समय से अपील कर पैरवी सुनिश्चित की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी आदि मौजूद थे।