I
Iचीनी मांझा जानलेवा साबित हो रहा है। इससे पशु-पक्षियों के साथ ही लोगों के जीवन की भी डोर कट रही है। यूं तो चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन रोक के बावजूद भी इसकी ब्रिकी हो रही है। इसका ताजा उदाहरण हरिद्वार में चीनी मांझे से हुई व्यक्ति की मौत है। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में अमर उजाला सभी से अपील कर रहा है कि पतंग उड़ाते समय चीनी मांझे का प्रयोग ना करें। ऐसी डोरी का प्रयोग करें, जिससे किसी को नुकसान ना हो।I
I
I
Iचीनी मांझा पशु-पक्षियों और लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। हमें इसके प्रयोग से बचकर सादी डोरी से ही पतंग उड़ानी चाहिए। -श्रेय मित्तलI
I
I
Iहमें चीनी मांझे का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। -अनुरागI
I
I
Iचीनी मांझा हमेशा से ही जानलेवा साबित होता रहा है। यदि पतंग उड़ानी ही है तो सादे धागे का प्रयोग करें। -राजु पंवारI
I
I
Iचीनी मांझे का प्रयोग करने से खुद को भी नुकसान होता है। हमें पतंग उड़ाने के लिए सादे धागे का प्रयोग करना चाहिए। -प्रज्जवलI
I
I
Iकिसी भी घटना पर हो सकती है कार्रवाई
I
Iचीनी मांझे के कारण यदि कोई घटना होती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी। गैर इरादन हत्या में मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
I
I
I
Iचीनी मांझे को लेकर मानवाधिकार आयोग में दायर की याचिका
I
Iहरिद्वार में चीनी मांझे की चपेट में आकर हुई व्यक्ति की मौत के बाद दून के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद आशिक ने उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की है। उन्होंने आयोग से राज्य में चीनी मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि चीनी मांझे से लोगों के हाथ, गला कटने की अनेक घटनाएं लगातार सामने आती हैं। इसके अलावा पशु-पक्षी भी इसकी चपेट में आते हैं। चीनी मांझा लोगों के जीवन के लिए खतरनाक है।एI