लगभग डेढ़ घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद टीम ने सभी नौ लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। इनमें से चार की हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर भेजा गया। जबकि पांच को उनके घर भेज दिया गया। बाद में पता चला कि गंगा जलस्तर नहीं बढ़ा था, बल्कि आपदा राहत एवं बचाव कार्यों को परखने के लिए मॉक ड्रिल की गई थी। तहसीलदार गोपाल सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल सफल रहा। इस दौरान खानपुर थानाध्यक्ष भगवान मेहर, नायब तहसीलदार सुशील कुमार, बिजेंद्र कश्यप, मनोज पांडे, मंगू सिंह, नरेंद्रपाल, एफएसओ शिशुपाल सिंह नेगी व अवधेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
रेसक्यू खत्म होने के बाद पहुंची जल पुलिस
गंगा में बहने की सूचना हरिद्वार जल पुलिस को भी दी गई थी। लेकिन जल पुलिस की टीम आपरेशन खत्म होने के काफी देर बाद पहुंची। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने जल पुलिस की इस लेटलतीफी को खासी गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि जल पुलिस के लेट पहुंचने के कारणों की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।