विस्थापन और पुनर्वास के लिए सरकार को जगाने को आपदा प्रभावितों ने अनोखा तरीका अपनाया। क्षेत्र के आपदा पीड़ितों ने साल की अंतिम रात खेल मैदान में टेंटों में गुजारी। टेंटों में ही साल के पहले दिन का स्वागत किया।
इस अवसर पर केदारनाथ आपदा पर लिखी गई पुस्तक दस्तक भी जारी की गई। स्थानीय गायक धर्मदास ने आपदा पर लिखे स्वचरित गीत सुनाए।
पढ़ें,इलाज के लिए छह घंटे भटकता रहा 'खुश'
केदारघाटी विस्थापन एवं पुनर्वास संघर्ष समिति के बैनर तले अगस्त्यमुनि खेल मैदान में आपदा पीड़ित एकत्रित हुए। टेंट लगाकर इसमें रात गुजारी।
पुनर्वास के नाम पर बयानबाजी
इस मौके पर उन्होंने कहा कि आपदा को छह माह हो गए हैं। विस्थापन और पुनर्वास के नाम पर केवल बयानबाजी हो रही है। यदि अब तक सरकार पीड़ितों को एकमुश्त आर्थिक मदद दे देती, वह अपने स्तर से आशियाने बना सकते थे। सरकार की बेरुखी के कारण लोगों को साल की विदाई और नए साल का स्वागत टेंटों में रहकर करना पड़ रहा है।
पढ़ें,मौसम का दूसरा हिमपात, पर्यटकों की चांदी
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, डा. योगंबर नेगी, विश्वनाथ, महिपाल बड़वाल, महिपाल रावत, मनोज रावत, मनोज नेगी आदि शामिल थे।
शरारती तत्वों ने किया हुड़दंग
आपदा पीड़ितों के कार्यक्रम में कुछ शरारती तत्वों ने जमकर हुड़दंग मचाया। मौके पर मौजूद पुलिस भी मूक दर्शक बनी रही। आपदा पीड़ितों की अपील पर भी हंगामा करने वाले शांत नहीं हुए। हंगामा करीब एक घंटे तक चलता रहा।
पढ़ें,‘दारु नहीं पिएंगे, हंगामा नहीं करेंगे’
समिति के अध्यक्ष अजेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा पीड़ितों की नहीं सुन रही है। उल्टे उनको परेशान करने के लिए शरारती तत्वों का इस्तेमाल कर रही है। इधर, पुलिस अधीक्षक बीजे सिंह ने बताया कि संबंधित चौकी प्रभारी घटना की पूरी जानकारी ली जाएगी।