अदालत ने दस साल की बालिका से दुराचार करने के प्रयास में एक आरोपी को पांच साल के कारावास के साथ छह हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़ित बालिका की गवाही सजा में अहम रही है।
शर्मसार करने वाली यह वारदात 18 दिसंबर 2014 को देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में हुई थी। मां की तरफ से दर्ज हुए मुकदमे में बताया गया था कि सोनू उर्फ जाने आलम ने घर में घुसकर उसकी दस साल की बेटी से मुंह काला करने का प्रयास किया था।
बालिका की आवाज सुनकर महिला किराएदार के आने पर आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर आरोपी सोनू को जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पोक्सो नीना अग्रवाल की कोर्ट में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया कि अभियोजन की कहानी को साबित करने के लिए सात गवाह पेश किए गए। पीड़िता ने आरोपी की पहचान भी की।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी को दोषी माना। आरोपी को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। छह हजार का जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को डेढ़ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।