राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में अगले माह रामनगर से पांच बाघ (टाइगर) लाए जाएंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं है, लेकिन कोरोनाकाल में बाघों को यहां शिफ्ट करने और संक्रमण से सुरक्षा की चुनौती के बीच तारीख के एलान को लेकर असंजस बना हुआ है। रेंज में पहले से दो मादा बाघ मौजूद हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज की टाइगर परियोजना पर लम्बे समय से चल रहा कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसको लेकर रेंज के घने जंगल में बैरीबाड़ा बीट में टाइगर बाड़ा बनकर तैयार है। इसे लगभग एक हेक्टेयर वर्ग क्षेत्रफल में झाड़ी कटान के बाद कटीले तारों की घेराबंदी कर तैयार किया गया है। बाड़े में बांस के जंगल को विकसित किया गया है, जो बाघों के लिए शीतल छांव की पूर्ति करेंगे। पहले चरण में बाघों को कॉलर पहनाकर बाड़े में रखा जाएगा।
लगातार मॉनीटरिंग के बाद धीरे-धीरे उन्हें रेंज की इस बीट और इससे सटी कांसरों रेंज की सीमा में पहले से रह रही दो मादा बाघों को इनके साथ बाड़े में रखा जाएगा। इससे रेंज में बाघों का कुनबा बढ़ सके।
सब कुछ ठीक रहा तो अक्तूबर में पांच बाघों को रामनगर से मोतीचूर रेंज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केवल कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता बनी हुई है।
- डीके सिंह, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व, देहरादून