त्योहारी सीजन में महिलाएं केवल डिजाइन और कम कीमत देखकर कहीं से भी खरीद लेती हैं। लेकिन सोने के गहने खरीदने से पहले आगे दिए गए पांच निशान जरूर जांच लें।
लोग हॉलमार्क जैसे मानक पर ध्यान नहीं देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें आभूषण बेचते या बदलते समय उठाना पड़ता है। यह कहना है भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून शाखा के प्रमुख जेएम खन्ना का।
अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने सोने के जेवरों को सावधानीपूर्वक खरीदने का सुझाव देते हुए कहा कि आभूषण हमेशा हॉलमार्क लगा ही लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दून में कई दुकानदारों ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस ही नहीं लिया है।
कई लोगों ने अपने अलग ब्रांड के तहत मानक तय कर रखे हैं जो जेवर पर अंकित कर देते हैं, लेकिन वह बीआईएस से स्वीकृत नहीं होती। उन्होंने लोगों को ऐसे लोगों से भी सचेत रहने को कहा।
क्यों दे ज्यादा कीमत
होलमार्क के नाम पर कई विक्रेता ज्यादा कीमत वसूलते हैं, इस सवाल का जवाब देते हुए खन्ना ने कहा कि बिलकुल गलत है। सेंटर से होलमार्क अंकित कराने के लिये गोल्ड आइटम के पहले पीस पर 150 रुपए देने पड़ते हैं।
फिर अतिरिक्त पीस पर इससे कम धनराशि देनी पड़ती है। लेकिन, यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि यदि विक्रेता तुरंत होलमार्क अंकित कराने को कहे तो समझ लीजिये कि वह नकली अंकन हो सकता है।