केदारनाथ से रुद्रप्रयाग पहुंचे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) उत्तरकाशी के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि केदारनाथ मंदिर परिसर में पांच फीट तक बर्फ जमी हुई है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी भीमबली तक बर्फ पड़ी हैं। मार्ग में कुछ स्थानों पर ग्लेशियर भी हैं।
एनआईएम की टीम कर रही मदद
मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने भीमबली से केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग को खोलने और व्यवस्थाओं की रूपरेखा बनाने के लिए केदारनाथ टास्क फोर्स का गठन किया है। इसकी कमांड डीआईजी जीएस मर्तोलिया को दी गई है।
पढ़ें, मां के प्रेमियों ने की थी तनवीर की हत्या
धाम और पैदल मार्ग पर बर्फ और ग्लेशियर होने के कारण एनआईएम के पर्वतारोहियों की मदद ली जा रही है। एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल कोठियाल के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम चार फरवरी को धाम में चॉपर से उतरी थी।
बिना लैंड किए उतरे हेलीपैड पर
कर्नल कोठियाल ने बताया कि शुरुआती चक्कर में बिना लैंड किए टीम हेलीपैड में उतरी। टीम ने हेलीपैड की बर्फ हटाई, जिसके बाद चॉपर ने लैंड किया। यहां से टीम नदी पार करते हुए मंदिर परिसर में पहुंची। धाम में साढे़ चार से पांच फीट तक बर्फ है। यहां स्थित भवन के आधे हिस्से भी बर्फ से ढके हुए हैं।
रस्सों के सहारे उतरी टीम
पहले दिन टीम ने धाम का निरीक्षण करते हुए केदारपुरी के निकट रात बिताई। पांच को टीम ने सुबह आठ बजे कैंप से प्रस्थान किया। पैदल मार्ग पर चलते हुए रस्सों के सहारे उतरना पड़ा।
पढ़ें, उत्तराखंड में लोकसभा के महामुकाबले का मंच सजा
उन्होंने बताया कि पैदल मार्ग की रेकी कर देख लिया है कि आगे क्या करना है। प्लान बनाने के बाद सात-आठ दिन में भीमबली से ऊपर ट्रैक खोलने का काम शुरू कर दिया जाएगा।