पुलिस ने पांचों के पास से लूट की रकम बरामद की थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। तब से सुनवाई लक्सर एडीजे कोर्ट में चल रही थी। मामले में सुनवाई के बाद अपर जिला जज अंबिका पंत ने पांचों आरोपियों को लूट का माल बरामद होने का दोषी मानते हुए दस-दस साल की सश्रम कैद व बीस-बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इतना ही नहीं जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को लूट और गोली मारने की धाराओं से दोष मुक्त कर दिया है।
किसान पर फायर झोंकने के आरोप में बरी
बदमाशों द्वारा जिस समय मूलचंद को गोली मारकर एक लाख रुपए की नकदी लूटी गई थी। आरोप था कि उस समय आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान सियाराम द्वारा बदमाशों का पीछा किया गया था।
किसान को दौड़ता देख बदमाशों ने उसके ऊपर भी फायर झोंक दिया था। इसमें सियाराम बाल-बाल बच गया था। सियाराम ने इस मामले में सभी बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इस मामले में कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को बरी कर दिया था।