वृद्धा के अन्य दो बेटों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस अधिनियम के तहत तीन महीने की जेल और पांच हजार रुपये अर्थदंड का प्रावधान है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को तात्कालिक राहत प्रदान करने और इंसाफ दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कोई भी ऐसा व्यक्ति जो लालच या अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करते हुए माता-पिता की उपेक्षा करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी कोतवाली और थाना प्रभारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे वरिष्ठ नागरिक रजिस्टर अपडेट करें। बुजुर्गों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारण करें।
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मंगलौर क्षेत्र के एक गांव में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। दो बेटे माता-पिता को अपने साथ नहीं रखना चाहते थे। तीसरे बेटे ने जब सहारा दिया तो दोनों भाई उसके साथ मारपीट करने लगे। उसके बाद दोनों भाइयों को बुलाकर हिदायत दी गई। तब जाकर मामला निपटाया गया।