वहां योग के क्षेत्र में काफी काम और नाम कमाने के बाद समाजसेवा से जुड़ गए। आचार्य सोमवीर ने बताया कि उनकी इच्छा इंडोनेशिया और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने की है। खासतौर पर उत्तराखंड के आध्यात्म और सुरम्य पर्यटन स्थलों का इंडोनेशिया और बाली के भौगोलिक परिवेश से काफी तालमेल है।
गंगा के प्रति बाली के लोगों में अगाध आस्था है। जल्दी ही बाली की पूरी कैबिनेट को हरिद्वार लाने की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे हैं। स्वामी ऋषिश्वरानंद ने बताया कि जल्दी ही इस कार्य योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा और हरिद्वार में हर की पैड़ी पर बाली की पूरी कैबिनेट तथा उनके साथ आने वाले श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया जाएगा।