गौला बैराज कैंटीन की निविदा को लेकर सिंचाई विभाग के ईई दफ्तर में बुधवार को बवाल हो गया। दो गुटों में पहले मारपीट हुई फिर फायरिंग हो गई इससे भगदड़ मच गई। मारपीट में एक ठेकेदार गंभीर रूप से घायल हो गया। मामला बढ़ता देख निविदा निरस्त कर दी गई है। पुलिस ने रायफल जब्त कर तीन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है।
सिंचाई विभाग के हीरा नगर तिराहे स्थित कैनाल कालोनी में ईई दफ्तर में बुधवार को गौला बैराज कैंटीन को लेकर निविदा की जानी थी। एई डीडी सती की देखरेख में निविदा प्रक्रिया की जा रही थी। सती के मुताबिक सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक निविदा डाली जानी थी।
तीन बजे निविदा खुलनी थी। कैंटीन के लिए 12 निविदा फार्म बेचे गए थे। 11 बजे से टेंडर पड़ने शुरू हो गए। सती ने बताया कि 11.35 बजे ठेकेदारों में कार्यालय के बाहर कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों गुटों में बवाल होने लगा। इस बीच प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह नेगी के दफ्तर के बाहर किसी ने फायर झोंक दिया।
कार्यालय की दीवार में धंस गई। फायरिंग से गुस्साए लोगों ने ठेकेदार राजेंद्र सिंह को पीटने के लिए दौड़ा लिया। इस बीच ठेके दार गिरकर घायल हो गया। राजेंद्र के समर्थकों का आरोप है कि वाहन स्टैंड यूनियन से जुड़े भानू ने फायरिंग की लेकिन अन्य ठेकेदारों का कहना है कि मौके पर भानू नहीं था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 12 बजे सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को सूचना दी।