टिहरी जिले में दावानल बुझाने की मॉक ड्रिल किसी काम नहीं आई। जिले के कीर्तिनगर ब्लाक में पिछले एक हफ्ते से जंगल आग में जल रहे हैं। वन विभाग आग बुझाने में हांफ गया है। लेकिन आग नियंत्रण में नहीं आ रही है। कीर्तिनगर में लगी आग की तपिश श्रीनगरवासी भी महसूस कर रहे हैं। पूरी अलकनंदा घाटी में हरी वनस्पतियों के जलने से धुआं फैला हुआ है।
कीर्तिनगर के सिल्काखाल, अर्जुन पर्वत, बडियारगढ़, मजराखाल, सेंद्री, चौरास और चुन्नीखाल क्षेत्र में जंगल आग में स्वाहा हो चुके हैं। रविवार रात भर सेंद्री, केंद्रीय गढ़वाल विवि आवासीय परिसर चौरास, मणिकनाथ पर्वत, महेंद्र व जैधार के समीप जंगल आग में धू-धू कर जलते रहे। जैधार व मणिकनाथ में जलते चीड़ के फलों से आग तेजी से फैल गई।
यहां बता दे कि जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए टिहरी जिले में मॉक ड्रिल की गई थी। जिसमें आग बुझाने का अभ्यास किया गया था। इसमें यह भी निर्देश दिए गए थे कि विभागों को आपसी समन्वय से आग बुझानी है। लेकिन अभी तक की घटनाओं को देखते हुए साफ लगता है कि यह सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रही।
इधर,अपर जिलाधिकारी टिहरी डा. एसके बरनवाल ने बताया कि मिलजुल कर आग बुझाई जा रही है। हालांकि वन विभाग की जिम्मेदारी बनती है वह आग बुझाए। यदि विभाग को संसाधनों की जरुरत होगी, तो उपलब्ध कराए जाएंगे।