इसकी जांच की जा रही है। ग्रामीण आग का कारण संदिग्ध मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ समय से फैक्ट्री में उत्पादन कम हो रहा था। मतदान के लिए छुट्टी होने के कारण मौके पर स्टाफ कम था, हालांकि वहां मौजूद गार्ड आदि कुछ सुरक्षाकर्मियों ने कुछ सामान बचा लिया।
ग्रामीणों ने भी उनकी मदद की। फैक्ट्री प्रबंधन से संपर्क नहीं हो सका। इस कारण फिलहाल क्षति का आकलन नहीं हो सका है। इसके बावजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने लाखों की क्षति का अनुमान लगाया है।
फैक्ट्री में आग लगते समय वहां कोई श्रमिक नहीं था। इस कारण जनहानि नहीं हुई जबकि उत्पादन के दौरान आग लगने से इसका खतरा था। इसके बावजूद फैक्ट्री में आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं मिले। इस हादसे से क्षेत्र में मानकों को ताक पर रख कर चल रही फैक्ट्रियों पर सवाल उठने लगे हैं। फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही से आसपास के ग्रामीणों ने भी खतरे की आशंका जताई है।